Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi – हनुमान चालीसा

हनुमान-चालीसा-लिरिक्स-हिंदी, Hanuman chalisa lyrics

हनुमान चालीसा का पाठ करने से दुनिया के सारे दुःख दर्द मिट जाते है इस महान वर्णन में हनुमान जी के जितने वर्णन किये है हनुमान जी उससे भी कहि ज्यादा महान, हनुमान जी की कृपा जिसपर हो गए वो जीवन मरण से मुक्ति पा जाता है यहां नीचे भगवे रंग में हनुमान चालीसा लिरिक्स Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi हिंदी में पढ़ने का आनंद लीजिए. भक्त शिरोमणि, श्री रामदूत, पवनसुत हनुमान, अंजनी मैया के लाल, भगवान श्री हनुमान जी को कोटि कोटि परनाम, प्रस्तुत है हनुमान चालीसा हिंदी में

हनुमान चालीसा किसको पढ़ना चाहिए :

भगवान श्री राम जी के भक्त हनुमान जी के हर गांव हर शहर में भक्त और सेवक मिल जायेंगे और आपको हर जगह पर इनके मंदिर मिल जायेंग। हनुमान जी पुरे विश्व में प्रसिद्ध है। हनुमान जी साक्षात कलयुग के देवता है और वो हर मुश्किल घडी से हमें निकलने में सहायता करते है , क्यों की हनुमान जी को बुद्धि और ज्ञान और बलशाली बताया गया है गया है, ऐसे है हमारे हनुमान जी तो इनको प्रसन करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कोई क्यों नहीं करेग। इसलिए इसका पाठ कोई भी कर सकता ह। और अगर आप किसी मुशीबत की घडी से निकला चाहते हो और दुबारा कभी किसी दुविधा में नहीं पड़ना चाहते हो तो आपको रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करना ही चाहिए, ये आपकी दिनचर्या का हिसा होना चाहिए

श्री हनुमान चालीसा लिरिक्स – Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi.

हनुमान चालीसा दोहा:

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।


बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

Hanuman Chalisa lyrics in Hindi
हनुमान चालीसा लिरिक्स हिंदी

हनुमान चालीसा चौपाई :

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

hanuman chalisa sanjivan bunti
hanuman chalisa sanjivan bunti

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

hanuman chalisa samundra langte hue

Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

हनुमान चालीसा दोहा :

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

बोलो जय श्री राम जय जय श्री राम

सियावर रामचंद्र की जय, पवनसुत हनुमान की जय, Hanuman chalisa ki Jay

सबसे प्रसिद्ध हनुमान चालीसा यूट्यूब वीडियो देखें

  • हनुमान जी की पाठ पूजा में हनुमान चालीसा का पाठ बहुत लभदायक हैं
  • हनुमान चालीसा के लिरिक्स / बोल गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में लिखा हैं
  • इसमें चालीस चौपाई होने की वजह से इसे चालीसा कहा जाता है
  • इसका पाठ रोजाना सुबह श्याम करने से आपके सारे दुख दर्द खतम हो जाएंगे

हनुमान जी को माता सीता ने वरदान दिया था कि आप हमेशा अजर अमर रहेंगे। आज भी हनुमान जी कलयुग में जाग्रत देव हैं| जिसपे हनुमान जी की कृपा बन जाए उसके सारे दुख दर्द खत्म हो जाएंगे और हनुमान जी की तरह हमेशा आपके ही जीत होंगे, तो आपको हनुमान चालीसा का पाठ हर रोज करना चाहिए जिससे आपके ऊपर हनुमान और राम (जिसपे हनुमान की कृपा हो गई उसपे राम की भी कृपा हो जाति है) की करपा बनी रहे |

महिमा, बल, प्रक्रम, भुद्धि, सेवक, भक्तो के हितकारी आदि सभी को देखते हुए तुलसीदास जी ने हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा की रचना की थी, इसका पाठ मंगलवर और शनिवार को करने से विशेष लाभ मिलते हैं , वह जो सदा उसका पाठ करता है उसे शुद्ध जीवन काल में कभी को प्रेसानी हो ही नहीं शक्ति, तो आपको भी हमेशा उसका पथ करना चाहिए, थोड़े दिन ही पाठ करने मातृ से आप जीवन में आनंद की अनुभूति करने लग जाओगे

हनुमान चालीसा पढने के फायदे / लाभ :

सद्बुद्धि एवं ज्ञान:

भगवान हनुमान बुद्धि और ज्ञान का अथाह भंडार है! इसकी चर्चा हनुमान जी ने रामायण में बहुत सारी जगह पर दिया है, उनके ज्ञान की वजह से बहुत सारे संकट कटे हैं| अब हनुमान चालीसा का ये दोहा पढो

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सद्बुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।

यहां हम हनुमान जी से कह रहे है की आप हमे बुद्धि और ज्ञान द। दोहे से स्पस्ट है की जो भी भगवान हनुमान जी मन में ध्यान रख कर सदैव हनुमान चालीसा का पाठ करता है उसको हनुमान जी प्रसन्न होकर ज्ञान देते है और बुद्धि को तेज कर देते है जिससे आप चाहे किसी भी छेत्र में हो शिक्षा या बिज़नेस या जॉब आप हमेसा अग्रणी रहोगे , आप के ज्ञान और बुद्धि की हर तरफ तारीफ होगी। आप बहुत सटीक फैसले ले पाओगे। याद रखने की छमता बहुत ज्यादा हो जाएगी। जिससे भूलने की समस्या ख़तम हो जाएगी , आप में बहुत सरे आदरणीय संस्कार आ जायेगे। आपकी ताकत पर बुद्धि और दिमाग का कण्ट्रोल रहेग। जिससे आप कभी भी कोई गलत फैसला नहीं लोगे

हनुमान चालीसा के फायदे – Hanuman chalisa benifit :

हनुमान चालीसा हिन्दू धर्म में एक प्रसिद्ध पौराणिक प्रार्थना है, जिसे श्री हनुमान जी की महिमा और शक्ति का गान किया जाता है। इसके अध्ययन और रेचना का कई धार्मिक और मानसिक फायदे होते हैं। यहां कुछ मुख्य फायदे दिए जा रहे हैं:

  1. शक्ति की प्राप्ति: हनुमान चालीसा का अध्ययन और जप शक्ति और साहस को बढ़ाता है। इसे करने से व्यक्ति अपनी आत्मिक और शारीरिक समस्याओं को परिहार करने के लिए शक्तिशाली बनता है।
  2. मानसिक शांति: हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन की चंचलता कम होती है और मानसिक शांति मिलती है। यह मानसिक तनाव, चिंता और उदासी को दूर करने में मदद करता है।
  3. संकट से मुक्ति: हनुमान चालीसा का जप और पाठ कष्टों और संकटों से मुक्ति प्रदान करता है। भक्ति और आस्था के साथ इसे करने से विभिन्न प्रकार के संशयों और समस्याओं का समाधान होता है।
  4. धार्मिक उन्नति: हनुमान चालीसा के पाठ से व्यक्ति का धार्मिक उत्थान होता है। यह भक्ति और नेक कार्यों को प्रोत्साहित करता है और उच्चतम मार्ग की दिशा में मार्गदर्शन करता है।
  5. दुर्गाम बाधाओं का नाश: हनुमान चालीसा का पाठ बुराईयों और दुर्गाम परिस्थितियों से रक्षा करता है और अनार्य शक्तियों का नाश करता है।
  6. शरीरिक स्वास्थ्य: हनुमान चालीसा के जप से शरीर में ऊर्जा का संचय होता है और व्यक्ति को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।
  7. भक्ति और प्रेम का विकास: इस चालीसा का अध्ययन करने से व्यक्ति का भक्ति और प्रेम स्थायी बनता है। इससे व्यक्ति का उद्धार और आध्यात्मिक विकास होता है।

यह ध्यान देने योग्य है कि हनुमान चालीसा का पाठ नियमित रूप से अनुष्ठान करना चाहिए और श्रद्धा भाव से किया जाना चाहिए। यह प्राचीन धार्मिक प्रथाओं में से एक है और इसे अपने जीवन में समर्पित करने से व्यक्ति को धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।

Hanuman Chalisa with Meaning – हनुमान चालीसा अर्थ :

दोहा

श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि |

बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ||

अर्थ : श्री गुरु महाराज के चरण कमलों की धूलि से अपने मन रूपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला है।

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन-कुमार |

बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ||

अर्थ : हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सद्बुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर,

जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

हिंदी मीनिंग : श्री हनुमान जी!आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों, स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।

राम दूत अतुलित बलधामा,

अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥

Hindi Meaning : हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नहीं है।

महावीर विक्रम बजरंगी,

कुमति निवार सुमति के संगी॥

“हे महावीर बजरंग बली!आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।”

कंचन बरन बिराज सुबेसा,

कानन कुण्डल कुंचित केसा॥

आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।

हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे,

काँधे मूँज जनेऊ साजै॥

आपके हाथ में बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।

शंकर सुवन केसरी नंदन,

तेज प्रताप महा जग वंदन॥

हे शंकर के अवतार!हे केसरी नंदन आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर में वन्दना होती है।

विद्यावान गुणी अति चातुर,

राम काज करिबे को आतुर॥

“आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।”

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया,

राम लखन सीता मन बसिया॥

आप श्री राम चरित सुनने में आनन्द रस लेते है।श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय में बसे रहते है।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा,

बिकट रूप धरि लंक जरावा॥

हनुमान चालीसा पाठ হনুমান চালিসা – Hanuman chalisa in bengali

आपने अपना बहुत छोटा रूप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके लंका को जलाया।

भीम रूप धरि असुर संहारे,

रामचन्द्र के काज संवारे॥

आपने विकराल रूप धारण करके राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उद्देश्यों को सफल कराया।

लाय सजीवन लखन जियाये,

श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥

अर्थ :आपने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।”

रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई,

तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥

“श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।”

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं,

अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥

Hanuman Chalisa Arth: श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा,

नारद, सारद सहित अहीसा॥

Hanuman Chalisa Lyrics with Meaning

“श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।”

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते,

कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥

यमराज, कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक, कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः वर्णन नहीं कर सकते।

तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा,

राम मिलाय राजपद दीन्हा॥

“आपने सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर उपकार किया , जिसके कारण वे राजा बने।”

तुम्हरो मंत्र विभीषण माना,

लंकेस्वर भए सब जग जाना॥

“आपके उपदेश का विभीषण जी ने पालन किया जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।”

जुग सहस्त्र जोजन पर भानू,

लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥

“जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है की उस पर पहुँचने के लिए हजार युग लगे।दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझकर निगल लिया।”

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि,

जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥

Hindi Meaning :आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुँह में रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नहीं है।

दुर्गम काज जगत के जेते,

सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

“संसार में जितने भी कठिन से कठिन काम हो, वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।”

राम दुआरे तुम रखवारे,

होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥

Read : हनुमान चालीसा मराठी – Hanuman chalisa in marathi

“श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप रखवाले है, जिसमें आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नहीं मिलता अर्थात आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।”

सब सुख लहै तुम्हारी सरना,

तुम रक्षक काहू को डरना ॥

“जो भी आपकी शरण में आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक है, तो फिर किसी का डर नहीं रहता।”

आपन तेज सम्हारो आपै,

तीनों लोक हाँक ते काँपै॥

आपके सिवाय आपके वेग को कोई नहीं रोक सकता, आपकी गर्जना से तीनों लोक काँप जाते है।

भूत पिशाच निकट नहिं आवै,

महावीर जब नाम सुनावै॥

हनुमान चालीसा में इस चोपाई का अर्थ – जहाँ महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहाँ भूत, पिशाच पास भी नहीं फटक सकते।

नासै रोग हरै सब पीरा,

जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥

वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है, और सब पीड़ा मिट जाती है।

संकट तें हनुमान छुड़ावै,

मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥

“हे हनुमान जी! विचार करने में, कर्म करने में और बोलने में, जिनका ध्यान आपमें रहता है, उनको सब संकटों से आप छुड़ाते है।”

सब पर राम तपस्वी राजा,

तिनके काज सकल तुम साजा॥

“तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है, उनके सब कार्यों को आपने सहज में कर दिया।”

और मनोरथ जो कोइ लावै,

सोई अमित जीवन फल पावै॥

जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करे तो उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन में कोई सीमा नहीं होती।- हनुमान चालीसा अर्थ

चारों जुग परताप तुम्हारा,

है परसिद्ध जगत उजियारा॥

चारों युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग में आपका यश फैला हुआ है, जगत में आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।

साधु सन्त के तुम रखवारे,

असुर निकंदन राम दुलारे॥

हे श्री राम के दुलारे ! आप सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता,

अस बर दीन जानकी माता॥

अर्थ : आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते है।

राम रसायन तुम्हरे पासा,

सदा रहो रघुपति के दासा॥

“आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण में रहते है, जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।”

तुम्हरे भजन राम को पावै,

जनम जनम के दुख बिसरावै॥

“आपका भजन करने से श्री राम जी प्राप्त होते है, और जन्म जन्मांतर के दुःख दूर होते है।”

अन्त काल रघुबर पुर जाई,

जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥

“अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलायेंगे।”

और देवता चित न धरई,

हनुमत सेई सर्व सुख करई॥

हे हनुमान जी!आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है, फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नहीं रहती। – Hanuman chalisa meaning in hindi

संकट कटै मिटै सब पीरा,

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

“हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है, उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।”

जय जय जय हनुमान गोसाईं,

कृपा करहु गुरु देव की नाई॥

chalisa Hindi Meaning : हे स्वामी हनुमान जी!आपकी जय हो, जय हो, जय हो!आप मुझपर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।

जो सत बार पाठ कर कोई,

छुटहि बँदि महा सुख होई॥

“जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा वह सब बन्धनों से छुट जायेगा और उसे परमानन्द मिलेगा।”

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा,

होय सिद्धि साखी गौरीसा॥

“भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है, कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।”

तुलसीदास सदा हरि चेरा,

कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥

“हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है।इसलिए आप उसके हृदय में निवास कीजिए।”

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुरभुप॥

हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनन्द मंगलो के स्वरूप है। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय में निवास कीजिए।

भगवान हनुमान के बारे में और पढ़ें Wikipedia.

हनुमान चालीसा का हिन्दी अनुवाद यह देखे Hanuman chalisa hindi meaning